पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना बनी संकट में संबल, महिला समूह की सदस्य के परिजन को मिले 2 लाख रुपये
ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के उद्देश्य से चलाई जा रही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है।

रायपुर. ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के उद्देश्य से चलाई जा रही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। यह योजना विशेष रूप से स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं व उनके परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है। इसी कड़ी में मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत मनवारी की महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य के परिजन को योजना का लाभ मिला है।
स्वर्गीय इन्द्रावती विश्वकर्मा के परिवार को मिला बीमा का लाभ
ग्राम पंचायत मनवारी के ‘जीवन माँ दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह’ की सक्रिय सदस्य रहीं स्वर्गीय इन्द्रावती विश्वकर्मा के स्वाभाविक निधन के बाद उनके नामित वारिस रामज्ञया विश्वकर्मा को योजना के तहत 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि प्रदान की गई।
यह राशि परिवार के लिए आर्थिक संकट की घड़ी में बड़ी राहत साबित हुई, जिससे उन्हें दैनिक जरूरतों को पूरा करने और भविष्य की योजना बनाने में सहायता मिली।
बीमा दावा प्रक्रिया में अधिकारियों की अहम भूमिका
बीमा दावा की प्रक्रिया को सुचारु और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बी.आर.एल.एम.) के अधिकारी-कर्मचारी कैडर और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, शाखा केल्हारी के प्रबंधक राजकमल राजीव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी सक्रिय पहल से यह सुनिश्चित हो सका कि योजना का लाभ परिवार तक समय पर और बिना किसी बाधा के पहुंच सके।
योजना बन रही महिलाओं और परिवारों की ढाल
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा देने के साथ-साथ आकस्मिक परिस्थितियों में उनके परिवारों को संबल भी प्रदान कर रही है। यह योजना समाज के कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा की मजबूत कड़ी के रूप में उभर रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहा जागरूकता अभियान
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ने के लिए निरंतर जागरूकता कार्यक्रम, समूह बैठकें और परामर्श शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। यह पहल एसएचजी से जुड़ी दीदियों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद और विश्वास का आधार बनती जा रही है।




