डिप्टी CM सम्राट चौधरी का कांग्रेस पर तीखा प्रहार: ‘आपातकाल’ भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय!
25 जून 'संविधान हत्या दिवस' पर बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने कांग्रेस को घेरा। आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय, कहा- सत्ता के अहंकार में छीने गए थे अधिकार। पूरी रिपोर्ट।
पटना। 25 जून 1975 को देश में लागू हुए आपातकाल को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में याद करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे शर्मनाक और काला अध्याय करार दिया। सम्राट चौधरी ने कहा कि इस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कुचलने के साथ-साथ आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बंधक बना लिया गया था।
सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मूल्यों का हुआ हनन
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि 25 जून का दिन भारतीय इतिहास का एक ऐसा काला पन्ना है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। उनके अनुसार, तत्कालीन सरकार ने सत्ता के अहंकार में डूबकर देश के पूरे लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश की थी, जिसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ा।
लोकतंत्र के रक्षकों और सेनानियों को किया नमन
सम्राट चौधरी ने आपातकाल के दौरान जेलों में यातनाएं सहने वाले और तानाशाही के खिलाफ खड़े होने वाले लोकतंत्र सेनानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया। ऐसे महानायकों की वजह से ही आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है।
‘संविधान हत्या दिवस’ पर बिहार में सियासी घमासान तेज
डिप्टी सीएम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “लोकतंत्र की रक्षा, संविधान का सम्मान और जनस्वर की शक्ति को सर्वोपरि रखना ही उन जांबाजों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने आपातकाल का पुरजोर विरोध किया था।” सम्राट चौधरी के इस बयान के बाद बिहार के सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है। ‘संविधान हत्या दिवस’ को लेकर अब सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।




