देव मीणा का धमाका: नेशनल रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड, एशियन गेम्स 2026 के लिए किया क्वालीफाई!
65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में MP के देव मीणा ने पोल वॉल्ट में 5.46 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई किया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

भोपाल। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित हो रही 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के पहले ही दिन मध्य प्रदेश के नाम एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज हुई है। मध्य प्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के होनहार खिलाड़ी देव मीणा ने पोल वॉल्ट स्पर्धा के सायंकालीन सत्र में न सिर्फ स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया, बल्कि एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित कर भारतीय एथलेटिक्स में प्रदेश का कद और बढ़ा दिया है।
5.46 मीटर की छलांग और नया नेशनल रिकॉर्ड
चैंपियनशिप के पहले दिन देव मीणा ने पोल वॉल्ट स्पर्धा में 5.46 मीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पार करते हुए स्वर्णिम सफलता हासिल की। इस जादुई आंकड़े को छूते ही उन्होंने पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने देव को देश के शीर्ष पोल वॉल्टरों की सूची में सबसे ऊपर लाकर खड़ा कर दिया है।
एशियाई खेल 2026 का मिला टिकट
इस राष्ट्रीय रिकॉर्ड और स्वर्ण पदक के साथ देव मीणा ने आगामी एशियाई खेल (Asian Games 2026) के लिए भी सफलतापूर्वक क्वालीफाई कर लिया है। यह दोहरी सफलता न केवल देव के व्यक्तिगत करियर का सबसे बड़ा माइलस्टोन है, बल्कि देश और मध्य प्रदेश के खेल इतिहास के लिए भी एक गर्व का क्षण है।
खेल मंत्री विश्वास सारंग ने दी बधाई
देव मीणा की इस अभूतपूर्व सफलता पर मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने उन्हें बधाई दी। खेल मंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना और एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव की बात है। देव की यह सफलता साबित करती है कि हमारी खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय और आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं।” उन्होंने भरोसा जताया कि देव आने वाले समय में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी देश का तिरंगा लहराएंगे।
युवा एथलीटों के लिए बने रोल मॉडल
भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक चलने वाली इस चैंपियनशिप के पहले ही दिन मिली इस जीत ने बाकी खिलाड़ियों में भी नया जोश भर दिया है। देव मीणा की यह कामयाबी प्रदेश के उभरते हुए युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जो यह सिखाती है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।




