IRCTC का महा-अपग्रेड: अब 1 मिनट में बुक होंगे 1.5 लाख टिकट, फ्लाइट की तरह चुन सकेंगे फेवरेट सीट!
Indian Railway IRCTC Update: भारतीय रेलवे बदल रहा है अपना 40 साल पुराना बुकिंग सिस्टम। अब 5 गुना तेजी से बुक होंगे टिकट और मिलेगी फ्लाइट की तरह मनपसंद सीट चुनने की आजादी। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

भोपाल: ट्रेन टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट का हैंग होना, सीट सर्च करने में देरी और तत्काल बुकिंग के समय सर्वर क्रैश होने की समस्या से अब देश के करोड़ों यात्रियों को हमेशा के लिए निजात मिलने वाली है। भारतीय रेलवे अपने करीब 4 दशक पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को अलविदा कहकर आधुनिक क्लाउड-आधारित तकनीक अपनाने जा रहा है। इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद न सिर्फ टिकट बुकिंग की रफ्तार 5 गुना बढ़ जाएगी, बल्कि यात्री अब फ्लाइट और बसों की तर्ज पर कोच में अपनी पसंद की सीट भी चुन सकेंगे।
1986 से चल रहे पुराने सिस्टम की होगी छुट्टी
वर्तमान में रेलवे का जो पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम काम कर रहा है, वह साल 1986 का है। इसी पुराने नेटवर्क के भरोसे रेलवे काउंटर, आईआरसीटीसी (IRCTC) वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर टिकट बुक होते हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर में होने वाली करीब 88 फीसदी ऑनलाइन बुकिंग इसी सिस्टम पर टिकी है। बढ़ती आबादी और डिजिटल लोड को देखते हुए रेलवे ने अब इसे पूरी तरह अपग्रेड करने का फैसला किया है।
रफ्तार में 5 गुना इजाफा: तत्काल बुकिंग होगी और आसान
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, नया क्लाउड-आधारित सिस्टम आते ही टिकट बुकिंग की क्षमता में भारी उछाल आएगा।
- टिकट बुकिंग क्षमता: वर्तमान में प्रति मिनट 32 हजार टिकट बुक होते हैं, जो नए सिस्टम में बढ़कर 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट हो जाएगी।
- सीट सर्चिंग क्षमता: वर्तमान में प्रति मिनट 4 लाख लोग सीट उपलब्धता चेक कर सकते हैं, जो नए सिस्टम में बढ़कर 40 लाख रिक्वेस्ट प्रति मिनट हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा त्योहारों, गर्मियों की छुट्टियों और तत्काल बुकिंग के पीक ऑवर्स में मिलेगा।
फ्लाइट की तरह चुनिए अपनी फेवरेट सीट, मिलेगी बहुभाषी सुविधा
नए सिस्टम की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) होगी सीट चयन का विकल्प। अब तक रेलवे ऑटोमैटिक सीट अलॉट करता था, लेकिन अब यात्री कोच का लेआउट देखकर खाली सीटों में से अपनी पसंदीदा सीट (विंडो, लोअर बर्थ आदि) चुन सकेंगे। इससे परिवार या ग्रुप में यात्रा करने वाले लोग एक साथ सीट बुक कर पाएंगे। साथ ही, दिव्यांगों और मरीजों के लिए विशेष फीचर्स जोड़े गए हैं और क्षेत्रीय भाषाओं (Multi-lingual interface) के सपोर्ट से बुकिंग बेहद आसान हो जाएगी।
AI आधारित ‘रेल वन’ (Rail One) ऐप बदलेगा सफर का अंदाज
इस पूरी नई व्यवस्था में रेलवे का नया ‘रेल वन’ ऐप मुख्य भूमिका निभाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस यह ऐप न केवल टिकट बुकिंग को सुपरफास्ट बनाएगा, बल्कि वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की सटीक संभावना (Prediction) भी बताएगा। रेलवे का दावा है कि इस नई तकनीक से पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और बेहद भरोसेमंद हो जाएगी।




