‘इंडिया’ हटा, अब ‘भारत’ लिखा जाएगा: रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी का ऐतिहासिक फैसला
जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए डिग्री और मार्कशीट पर 'इंडिया' की जगह 'भारत' शब्द अंकित करने का निर्णय लिया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
जबलपुर. जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) का 36वां दीक्षा समारोह इस बार एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति के बीच, विश्वविद्यालय ने पहली बार अपनी उपाधियों (Degrees), अंकसूची (Mark sheets), स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्रों पर ‘इंडिया’ के स्थान पर आधिकारिक रूप से ‘भारत’ शब्द अंकित करने का निर्णय लिया है। भारतीय पहचान और सांस्कृतिक अस्मिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया यह परिवर्तन इस दीक्षा समारोह को बेहद खास बना रहा है।
आधिकारिक दस्तावेजों में ‘भारत’ शब्द की शुरुआत
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने इस ऐतिहासिक फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जनवरी 2025 से ही अपने सभी तरह के पत्राचार और आधिकारिक दस्तावेजों में ‘भारत’ शब्द का उपयोग अनिवार्य कर दिया था। अब इसे डिग्रियों और मार्कशीट पर भी लागू कर दिया गया है। 21 जून को आयोजित होने वाले इस 36वें दीक्षा समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल व कुलाधिपति मंगुभाई पटेल करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
भारतीयता के प्रति प्रतिबद्धता और परंपरा का सम्मान
प्रो. वर्मा ने रेखांकित किया कि भारतीय पहचान और सनातन सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने की इस अनूठी पहल को हर स्तर पर व्यापक सराहना मिली है। इसी विज़न के चलते उन्हें प्रयागराज महाकुंभ में सम्मानित भी किया जा चुका है।
इंदौर से मिली प्रेरणा: कुलगुरु के अनुसार, मध्य प्रदेश में इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) ने सबसे पहले अपने आधिकारिक दस्तावेजों में ‘भारत’ शब्द का प्रयोग शुरू किया था। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।




