उत्तर प्रदेशराज्य

BRICS MSME Forum: 96 लाख इकाइयों के साथ यूपी बना देश की ‘MSME राजधानी’, ब्रिक्स देशों के साथ 5.36 बिलियन डॉलर का व्यापार

BRICS MSME Forum: आगरा में आयोजित ब्रिक्स एमएसएमई फोरम में यूपी की शानदार उपलब्धियों को रखा गया। 96 लाख से अधिक इकाइयों के साथ उत्तर प्रदेश देश की 'MSME राजधानी' बनकर उभरा है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

BRICS MSME Forum: आगरा. विश्व पटल पर भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और एमएसएमई क्षेत्र की अपार संभावनाओं को नई दिशा देने के लिए ताजनगरी आगरा में एक बड़ा वैश्विक मंच सजा है। यहाँ ‘ब्रिक्स-इंडिया 2026’ के अंतर्गत पहले दिन ब्रिक्स एमएसएमई फोरम (BRICS MSME Forum) और तीसरे ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय बैठक का भव्य आयोजन किया गया। ताजगंज स्थित ‘ताज एंड कन्वेंशन सेंटर’ में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने एमएसएमई सेक्टर की शानदार उपलब्धियों और वैश्विक व्यापार की रणनीतियों को विश्व समुदाय के समक्ष प्रमुखता से रखा।

96 लाख एमएसएमई इकाइयों के साथ यूपी बना ‘MSME राजधानी’

ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज भारत की ‘एमएसएमई राजधानी’ बनकर उभर रहा है।

वर्तमान में राज्य में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां सफलतापूर्वक कार्यरत हैं, जो लगभग 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। योगी सरकार एमएसएमई को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सबसे सशक्त इंजन मानती है।

ब्रिक्स देशों के साथ 5.36 बिलियन डॉलर का व्यापारिक संबंध

प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने आंकड़ों के जरिए बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार, तकनीक और निवेश के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

  • कुल निर्यात: वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के साथ उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात 5.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा है।
  • निर्यात का गणित: इसमें से लगभग 3,938 मिलियन डॉलर का निर्यात मूल सदस्य देशों को और 1,429 मिलियन डॉलर का निर्यात साझेदार (Partner) देशों को किया गया है।
  • प्रमुख उत्पाद: उत्तर प्रदेश से मुख्य रूप से मशीनरी, परिधान (रेडीमेड गारमेंट्स), चमड़ा (लेदर), कालीन और बहुमूल्य पत्थर दुनिया के कई देशों में बड़े पैमाने पर निर्यात हो रहे हैं।

ओडीओपी और पारंपरिक शिल्प को मिल रही वैश्विक उड़ान

उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना ने स्थानीय प्रतिभा और पारंपरिक शिल्प को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का अभूतपूर्व कार्य किया है। सम्मेलन में जानकारी दी गई कि:

  • ODOP की सफलता: ओडीओपी के तहत अब तक 20 हजार से अधिक लोगों को करीब 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी देकर 3.16 लाख रोजगार सृजित किए गए हैं।
  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान: इस योजना के माध्यम से 4.41 लाख पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक टूलकिट और उन्नत प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया गया है।

युवाओं के लिए ‘सीएम युवा’ और उद्योगों के लिए ‘PLEDGE’ योजना

योगी सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (सीएम युवा) जैसी अभिनव पहल शुरू की है। इसके तहत युवाओं को बिना गारंटी के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लक्ष्य आगामी 10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करना है। इसके अतिरिक्त, एमएसएमई पार्क विकसित करने के लिए प्लेज (PLEDGE) योजना के तहत प्रदेश के 12 जिलों में इंडस्ट्रियल पार्क स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो उद्योगों को एक बेहतर इकोसिस्टम प्रदान करेंगे।

जीतन राम मांझी ने किया शुभारंभ: इस महत्वपूर्ण बैठक का विधिवत शुभारंभ भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। उन्होंने देश में एमएसएमई सेक्टर की ग्रोथ और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दूसरे दिन ब्रिक्स देशों से आए विभिन्न प्रतिनिधिमंडल आगरा की ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण करेंगे।

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