भारत बंद का असर, 10 किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों का बड़ा आंदोलन
12 फरवरी को SKM और ट्रेड यूनियनों ने भारत बंद का आह्वान किया। बैंकिंग, परिवहन और बाजार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, हालांकि बैंक औपचारिक रूप से बंद नहीं रहेंगे।

नई दिल्ली. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। यह बंद भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में बुलाया गया है। आंदोलन को INTUC, AITUC, CITU और HMS सहित कई राष्ट्रीय यूनियनों का समर्थन प्राप्त है। संगठनों का दावा है कि करीब 30 करोड़ मजदूर हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।
बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है असर
- बंद के समर्थन में कई बैंक यूनियनों के शामिल होने से बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
- AIBEA, AIBOA और BEFI ने हड़ताल में भागीदारी का निर्णय लिया है।
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काउंटर सेवाएं धीमी रह सकती हैं।
- चेक क्लीयरेंस में देरी संभव है।
- हालांकि, बैंक औपचारिक रूप से बंद नहीं रहेंगे।
- ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और एटीएम सेवाएं सामान्य रहेंगी।
- भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 12 फरवरी को कोई आधिकारिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है।
परिवहन और बाजार पर संभावित असर
कई राज्यों में बस, ऑटो और ट्रक यूनियनों के समर्थन से सार्वजनिक और निजी परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बड़े शहरों में यातायात बाधित होने की आशंका है। कई व्यापारिक संगठनों और मंडियों ने भी नैतिक समर्थन दिया है, जिससे थोक और खुदरा बाजार आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकते हैं।
सरकारी कार्यालयों में ट्रेड यूनियन प्रभाव वाले विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रह सकती है। कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर सकता है।
बंद की प्रमुख मांगें
किसान, मजदूर और कर्मचारी संगठनों ने निम्न मुद्दों पर विरोध जताया है:
- भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध
- चार नए लेबर कोड की वापसी
- सरकारी उपक्रमों के निजीकरण का विरोध
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
- न्यूनतम वेतन में वृद्धि
- निर्माण और बिजली क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा
- कृषि नीतियों में बदलाव की मांग
SKM की किसानों से अपील
संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और औद्योगिक श्रमिकों के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की है। संगठनों का आरोप है कि सरकार की नीतियां कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचा रही हैं, जिससे आम जनता की आजीविका प्रभावित हो रही है।
राजनीतिक समर्थन
राहुल गांधी ने आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि लाखों मजदूर और किसान अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर हैं। उन्होंने चार श्रम संहिताओं और व्यापार समझौते को लेकर चिंता जताते हुए सरकार पर किसानों-मजदूरों की आवाज को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और आंदोलन के साथ खड़े रहने की बात कही।
कौन-सी सेवाएं रहेंगी सामान्य?
- अस्पताल और एंबुलेंस सेवाएं
- दमकल विभाग
- हवाई यात्रा और एयरपोर्ट संचालन
- डिजिटल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं
- क्या 12 फरवरी को बैंक बंद रहेंगे?
- नहीं।
- बैंकों की शाखाएं खुली रहेंगी, लेकिन यूनियन भागीदारी के कारण कामकाज प्रभावित हो सकता है।
- अगर आप 12 फरवरी को यात्रा या बैंकिंग कार्य की योजना बना रहे हैं, तो स्थानीय परिवहन स्थिति और बैंक शाखा की जानकारी पहले से जांच लें। संभव हो तो बैंकिंग कार्य ऑनलाइन माध्यम से निपटाएं।




