8वें वेतन आयोग पर संसद में चर्चा, जानें वेतन और भत्तों पर क्या है नई स्थिति
8वां केंद्रीय वेतन आयोग औपचारिक रूप से गठित। 2027 तक रिपोर्ट की संभावना। वेतन, भत्ते और पेंशन ढांचे की होगी समीक्षा। 12 फरवरी 2026 को कर्मचारी संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया।

नई दिल्ली. सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग औपचारिक रूप से गठित किया जा चुका है और निर्धारित समय-सीमा में अपनी सिफारिशें देगा।
राज्यसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी कि 3 नवंबर 2025 को आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई थी। सांसदों ने आयोग के कार्यक्षेत्र और सिफारिशों की संभावित समय-सीमा को लेकर सवाल उठाए थे।
किन मुद्दों की होगी समीक्षा?
सरकार के अनुसार, 8वां वेतन आयोग निम्न बिंदुओं की समीक्षा करेगा:
- केंद्रीय कर्मचारियों के वेतनमान
- विभिन्न भत्ते
- पेंशन ढांचा
- सेवा शर्तें
पंकज चौधरी, वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। मौजूदा समय-सीमा के अनुसार रिपोर्ट 2027 तक आने की संभावना है। हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि सिफारिशें लागू करने का रोडमैप क्या होगा या इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
बजट पर कितना पड़ेगा असर?
संसद में यह भी पूछा गया कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से केंद्र सरकार के बजट पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस पर सरकार ने कहा कि फिलहाल लागत का आकलन संभव नहीं है। आयोग की रिपोर्ट आने और उसे स्वीकार किए जाने के बाद ही वास्तविक वित्तीय प्रभाव का अनुमान लगाया जा सकेगा। इसका अर्थ है कि बजटीय योजना आयोग की अंतिम सिफारिशों के आधार पर ही तय होगी।
12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान
- इस बीच कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है।
- Confederation of Central Government Employees and Workers (CCGEW) ने 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है।
उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- 20% अंतरिम राहत
- 50% महंगाई भत्ते (DA) का मूल वेतन में विलय
- नई पेंशन योजना (NPS) समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना
- संसद के भीतर सवालों और सड़कों पर बढ़ते दबाव के बीच अब सबकी नजरें 8वें वेतन आयोग की कार्यवाही और उसकी सिफारिशों पर टिकी हैं।




