सबूतों की कमी भारी पड़ी: राजा रघुवंशी केस में सोनम पर आरोप कमजोर
राजा रघुवंशी हत्याकांड में कोर्ट ने गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त किया। मुख्य आरोपी अब भी न्यायिक हिरासत में हैं।

इंदौर. इंदौर के बहुचर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए दोनों को रिहा किया जाता है।
साक्ष्य मिटाने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
दोनों आरोपियों को पहले पुलिस ने साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का दावा था कि हत्या के बाद राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी का बैग और अन्य सबूत ठिकाने लगाने में इनकी भूमिका रही। हालांकि, गहन जांच के बाद हत्याकांड से इनका कोई प्रत्यक्ष संबंध सिद्ध नहीं हो सका।
जांच एजेंसियों की शुरुआती थ्योरी पर सवाल
इस फैसले के बाद जांच एजेंसियों की प्रारंभिक थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अदालत में पेश की गई सामग्री में आरोपियों की संलिप्तता को दर्शाने वाले पुख्ता प्रमाण नहीं मिल सके, जिसके चलते उन्हें राहत दी गई।
पुलिस जांच में क्या सामने आया
पुलिस के अनुसार, लसूड़िया क्षेत्र स्थित एक बिल्डिंग में हत्या के बाद कुछ समय के लिए सोनम रघुवंशी और विशाल चौहान के ठहरने की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर गार्ड और बिल्डिंग मालिक की भूमिका की जांच की गई। हालांकि, बिजली बिल, किराया एग्रीमेंट और अन्य तकनीकी दस्तावेजों की जांच में यह प्रमाणित नहीं हो सका कि दोनों ने जानबूझकर किसी साक्ष्य को नष्ट किया हो।
एसपी का बयान
शिलॉन्ग स्थित ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने बताया कि शुरुआती परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर गिरफ्तारी की गई थी, लेकिन बाद की जांच और वेरिफिकेशन में आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। इसी कारण दोनों आरोपियों को दोषमुक्त किया गया।
मामले की पृष्ठभूमि
राजा रघुवंशी की शादी 11 मई को सोनम रघुवंशी से हुई थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए और 22 मई को सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र घूमने निकले। 27 मई से उनकी तलाश शुरू हुई और 2 जून को राजा का शव शिलॉन्ग के पास एक खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनकी हत्या पेड़ काटने वाले धारदार हथियार से की गई थी।
सोनम की बरामदगी और आगे की कार्रवाई
घटना के बाद सोनम रघुवंशी 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली थीं। इसके बाद जांच में कई परतें खुलीं और कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। अब तक दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह और अन्य आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है और नए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




