सुबह लहसुन खाना: क्या सच में घटता है कोलेस्ट्रॉल? जानिए पूरी सच्चाई
हाई कोलेस्ट्रॉल दिल के लिए खतरनाक हो सकता है। रिसर्च के मुताबिक, लहसुन में मौजूद एलिसिन बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है। जानिए सेवन का सही तरीका और सावधानियां।

नसों में जमा हो रहा ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ (LDL) हृदय स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यदि समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए, तो हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों का जोखिम बढ़ जाता है। विशेष रूप से जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल स्तर अधिक है, उन्हें अपनी जीवनशैली और खानपान को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
लहसुन में छिपा है सेहत का राज
रिसर्च के अनुसार, रसोई में आसानी से मिलने वाला लहसुन कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में सहायक हो सकता है। इसमें पाया जाने वाला ‘एलिसिन’ नामक बायोएक्टिव कंपाउंड बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भूमिका निभाता है। लहसुन के अन्य संभावित फायदे भी बताए जाते हैं, जैसे—
- ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद
- रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार
- शरीर को एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट
कैसे काम करता है लहसुन?
अध्ययनों में यह संकेत मिले हैं कि लहसुन में मौजूद एलिसिन लिवर की कोशिकाओं पर मौजूद रिसेप्टर्स के साथ क्रिया कर बैड कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को सीमित कर सकता है। यह प्रक्रिया सेलुलर स्तर पर होती है। उल्लेखनीय बात यह है कि यह गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को प्रभावित नहीं करता।
सेवन का तरीका और मात्रा
कुछ अध्ययनों के अनुसार, दिन में 1–2 कलियां कच्चा लहसुन लेना सुरक्षित माना जाता है। इसे भोजन के साथ या बिना भोजन के लिया जा सकता है। हालांकि, लहसुन सप्लीमेंट्स के मामले में सावधानी जरूरी है, क्योंकि अधिक मात्रा लेने पर कुछ लोगों में—
- गैस या बदहजमी
- सीने में जलन
- डायरिया
- मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सावधानी बेहद जरूरी
लहसुन में खून को पतला करने वाले गुण होते हैं। इसलिए, ब्लीडिंग डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों सर्जरी से पहले/बाद या जो ब्लड-थिनर दवाएं लेते हैं उन्हें लहसुन का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। लहसुन कुछ दवाओं के प्रभाव को भी प्रभावित कर सकता है।




