मप्र में ठंड और कोहरे का डबल अटैक, ग्वालियर–रीवा में हालात गंभीर

भोपाल. मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा, ठंडी हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिल रही है। शनिवार सुबह ग्वालियर, रीवा और दतिया में सबसे अधिक कोहरा छाया रहा, जबकि रीवा में दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर तक रह गई।
इन जिलों में मध्यम से घना कोहरा
मौसम विभाग के अनुसार सतना, भोपाल, उज्जैन, श्योपुर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, देवास, रतलाम, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, गुना, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर और बालाघाट में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया।
रात का तापमान बढ़ा, दिन में बढ़ी सर्दी
प्रदेश में रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट के कारण ठंड का असर बढ़ गया है। बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। खजुराहो (छतरपुर) प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अन्य प्रमुख तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
- पचमढ़ी, दतिया: 7.8
- उमरिया: 7.9
- रायसेन: 8.2
- सतना: 8.6
- मंडला: 8.9
- शिवपुरी: 9.0
- दमोह: 9.5
- नौगांव: 9.6
- मलाजखंड: 9.7
- सीधी: 9.8
कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान गुना और शाजापुर समेत 8 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। शाजापुर में हल्की बारिश शुरू हो चुकी है, जबकि इंदौर में भी बूंदाबांदी दर्ज की गई।
विभाग के अनुसार नर्मदापुरम, पचमढ़ी, विदिशा, राजगढ़ और शाजापुर में बिजली चमकने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं दोपहर में गुना, राजगढ़, सागर और रायसेन के सांची क्षेत्र में हल्की बारिश की संभावना है।
अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम
- 1 फरवरी – ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट।
- 2 फरवरी – नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की संभावना।
- 3 फरवरी – ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश के साथ आंधी-गरज का अलर्ट।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
- खेतों में जल निकास की उचित व्यवस्था करें, ताकि अल्पकालिक वर्षा से नुकसान न हो।
- गेहूं, चना और सरसों की फसलों में नमी व तेज हवा से होने वाले रोगों पर निगरानी रखें।
- बागवानी फसलों में फल झड़ने से बचाव के लिए पौधों को सहारा दें।
- मौसम साफ होने तक सिंचाई स्थगित रखें और कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें।
पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा जारी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी और बारिश के कारण जेट स्ट्रीम हवाओं की गति तेज हुई है। इसका प्रभाव मध्य प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के रूप में देखने को मिल रहा है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि सिस्टम के लौटने पर प्रदेश में ठंड का एक और दौर आ सकता है।




