बसंत पंचमी का विशेष संयोग: शुक्रवार को आई, 2032 में दोहराएगा इतिहास
धार की भोजशाला में 24 साल बाद बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग शांतिपूर्ण रहा। पूजा और नमाज बिना टकराव के संपन्न हुईं, सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात।

धार. धार स्थित भोजशाला में इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग पूरी तरह शांति के साथ बीत गया। बीते 24 वर्षों में जब-जब यह विशेष संयोग बना, तब शहर में हालात चुनौतीपूर्ण रहे हैं। कई अवसरों पर प्रशासन को कड़े सुरक्षा इंतजाम करने पड़े और तीन बार पथराव व कर्फ्यू जैसी स्थितियां भी बनीं। हालांकि इस वर्ष पूजा और नमाज—दोनों ही बिना किसी टकराव के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, जिससे प्रशासन और नागरिकों ने राहत की सांस ली।
हाई कोर्ट में लंबित है भोजशाला की मिल्कियत का मामला
भोजशाला की मिल्कियत को लेकर मामला फिलहाल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में विचाराधीन है। न्यायालय के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने करीब तीन महीने तक स्थल पर सर्वेक्षण किया और प्राचीन अवशेषों की जांच की। हिंदू पक्ष को उम्मीद है कि आने वाले समय में न्यायालय का निर्णय उनके पक्ष में आएगा।
कानूनी लड़ाई जारी रखने का दावा
विश्व हिंदू परिषद की ओर से कहा गया है कि भोजशाला के निर्माण को शीघ्र ही एक हजार वर्ष पूरे होने वाले हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह कानूनी दायरे में रहकर अपनी कोशिशें आगे भी जारी रखेगा।
भविष्य में फिर बन सकता है ऐसा संयोग
पंडितों के अनुसार, वर्ष 2029 में एक बार फिर बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग बनेगा। इसके बाद 2032 और 2052 में भी इसी तरह की स्थिति बनने की संभावना है। हालांकि इस बार आयोजन शांतिपूर्ण रहा, फिर भी पुलिस प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 27 जनवरी तक धार में भारी पुलिस बल तैनात रखने का निर्णय लिया गया है।




