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विकास का उत्सव: गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान से झलकेगा नया बिहार

पटना के गांधी मैदान में गणतंत्र दिवस पर 12 विभागों की झांकियां ‘नए बिहार’ की तस्वीर पेश करेंगी। महिला सशक्तिकरण, विकास योजनाएं और सख्त सुरक्षा व्यवस्था इस आयोजन की खासियत होंगी।

पटना. गणतंत्र दिवस के अवसर पर Gandhi Maidan केवल परेड का स्थल नहीं रहेगा, बल्कि बिहार के विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन की एक जीवंत प्रदर्शनी के रूप में उभरेगा। राज्य सरकार के 12 विभाग अपनी-अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को आकर्षक झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे, ताकि आमजन सीधे तौर पर ‘नए बिहार’ की तस्वीर देख और समझ सकें।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव पर फोकस

  • इस वर्ष की झांकियों में महिला शक्ति को केंद्र में रखा गया है।
  • महिला बस चालक
  • जीविका दीदियों की आत्मनिर्भरता
  • मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना
  • नशामुक्त बिहार

जैसे विषयों के जरिए सामाजिक बदलाव की ठोस तस्वीर सामने आएगी। परिवहन, जीविका और मद्य निषेध विभाग की झांकियां महिला सशक्तिकरण की इस थीम को मजबूती से उभारेंगी।

संस्कृति से तकनीक तक का संगम

कला-संस्कृति विभाग परंपरा और संरक्षण की कहानी प्रस्तुत करेगा, जबकि ऊर्जा विभाग की झांकी कजरा सौर ऊर्जा परियोजना और बैटरी भंडारण के माध्यम से भविष्य की ऊर्जा नीति को दर्शाएगी। पर्यटन विभाग की झांकी में पुनौरा धाम—मां जानकी की जन्मस्थली—की झलक देखने को मिलेगी, जो आस्था और पर्यटन विकास के समन्वय को रेखांकित करेगी।

विकास योजनाओं की सीधी झलक

कृषि, उद्योग, शिक्षा, सहकारिता और अग्निशमन विभाग की झांकियां—

  • गांवों की समृद्धि
  • औद्योगिक विकास
  • सुरक्षित विद्यालय
  • विकसित पैक्स
  • आपदा प्रबंधन

जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगी। हर झांकी अलग कहानी कहेगी, लेकिन संदेश एक ही होगा—विकसित बिहार, सशक्त बिहार।

कड़ी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था

  • पूरे आयोजन की 24×7 प्रशासनिक निगरानी की जा रही है। झांकियों के लिए गांधी मैदान में अलग पंडाल तैयार किया जा रहा है और ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं रखी जाएगी।
  • सभी झांकियों की एंटी-सबोटाज जांच
  • पूर्वाभ्यास अनिवार्य

कलाकारों की उम्र को लेकर सख्त दिशा-निर्देश

लागू किए गए हैं। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में परेड के साथ-साथ विकास की कहानी भी मंच पर उतरेगी। गांधी मैदान की झांकियां बिहार के वर्तमान और भविष्य—परंपरा, प्रगति और परिवर्तन—की एक साथ झलक पेश करेंगी।

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