मध्य प्रदेश

जीरो टॉलरेंस का संकेत: CS अनुराग जैन का कड़ा रुख, अफसरों को साफ चेतावनी

भोपाल. मध्यप्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को कड़ा संदेश देते हुए मुख्य सचिव Anurag Jain ने स्पष्ट किया है कि अब कामकाज में लापरवाही, अवैध गतिविधियां और जनहित की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर–कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के तहत आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में उन्होंने संभागायुक्तों, कलेक्टरों, डीआईजी, पुलिस कमिश्नरों और पुलिस अधीक्षकों को दो-टूक निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि जिलों में जनता के कार्य किसी भी स्थिति में नहीं रुकने चाहिए। यदि इसमें लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अवैध खनन और सीएम हेल्पलाइन पर सख्त रुख

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जिलों में चल रहे अवैध कार्यों पर कड़ा रुख अपनाया। विशेष रूप से अवैध खनन को लेकर उन्होंने तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। भिंड जिले का उल्लेख करते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक से सीधा सवाल किया कि अवैध खनन करने वालों में पुलिस का भय क्यों नहीं दिख रहा। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निपटारे में हो रही लापरवाही से मुख्यमंत्री नाराज हैं और इसमें सुधार तुरंत आवश्यक है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर नाराज़गी, मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंता का विषय

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा में मुख्य सचिव ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर असंतोष जताया। भिंड जिले से बड़ी संख्या में नवजात शिशुओं को ग्वालियर रेफर किए जाने पर उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि जिले में ही बेहतर इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि अनावश्यक रेफरल कम हो सकें।

एयर एंबुलेंस उपयोग में भारी असमानता

समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि कुछ जिलों ने एयर एंबुलेंस सेवा का पर्याप्त उपयोग किया, जबकि अधिकांश जिलों ने इसका लाभ ही नहीं लिया।

एयर एंबुलेंस उपयोग करने वाले जिले:

  • रीवा (44), जबलपुर (21), भोपाल (14), छतरपुर (11), ग्वालियर (5)
  • 32 जिलों ने एक भी बार सेवा का उपयोग नहीं किया
  • मुख्य सचिव ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलों को स्वास्थ्य सेवाओं में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के निर्देश दिए।

जिलों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड

एसटी–एससी मामलों में मुआवजा वितरण

  • अव्वल: जबलपुर, सीहोर, राजगढ़
  • पिछड़े: विदिशा, मऊगंज, भोपाल शहरी

सड़क दुर्घटनाओं में कमी

  • आगे: बैतूल, रतलाम, आगर मालवा
  • पिछड़े: गुना, डिंडौरी, मैहर, मुरैना, श्योपुर, सीधी, अनूपपुर, दमोह, इंदौर, विदिशा, टीकमगढ़

नामांतरण प्रकरणों का निपटारा

  • अव्वल: दतिया, हरदा, बड़वानी, बालाघाट, खंडवा
  • पीछे: दमोह, सीधी

सीमांकन और बंटवारा प्रकरण

  • आगे: मंडला, बड़वानी, छतरपुर, अशोकनगर
  • पीछे: मैहर, टीकमगढ़, सीधी

‘एक बगिया मां के नाम’ योजना

  • आगे: खंडवा, सिंगरौली
  • पीछे: सतना, मुरैना

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम

  • शीर्ष प्रदर्शन: इंदौर, देवास
  • पिछड़े: भोपाल, ग्वालियर

नर्मदा परिक्रमा पथ सीवरेज योजना

  • आगे: अनूपपुर, नरसिंहपुर, खंडवा
  • पीछे: खरगोन, नर्मदापुरम

साफ संदेश: अब बहाने नहीं चलेंगे

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्पष्ट कर दिया कि अब प्रशासनिक कार्यों में ढिलाई, अवैध गतिविधियों पर उदासीनता और जनता की समस्याओं की अनदेखी पर सीधे कार्रवाई होगी। अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की गई, वहीं पिछड़े जिलों को अंतिम चेतावनी देते हुए शीघ्र सुधार के निर्देश दिए गए।

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