मध्य प्रदेश

रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती: महू में वंदे भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस हेतु कवर्ड शेड को फंड मंजूर

इंदौर के महू में वंदे भारत ट्रेनों के लिए 64.50 करोड़ की लागत से आधुनिक मेंटेनेंस शेड बनेगा। रेलवे का लक्ष्य 2030 तक 800 और 2047 तक 2400 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का है।

इंदौर. देशभर में आधुनिक और लग्जरी रेल यात्रा की पहचान बन चुकी Vande Bharat Express ट्रेनों के रखरखाव के लिए अब इंदौर के महू में अत्याधुनिक कवर्ड मेंटेनेंस शेड तैयार किया जाएगा। फरवरी 2019 से शुरू हुई वंदे भारत सेवा के विस्तार के साथ अब इन ट्रेनों के नियमित और बेहतर मेंटेनेंस की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

वर्तमान में देश के विभिन्न शहरों में लगभग 164 वंदे भारत ट्रेनें (चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास) संचालित हो रही हैं, जिन्हें उच्च गुणवत्ता वाले रखरखाव की जरूरत होती है।

2030 और 2047 तक वंदे भारत नेटवर्क का बड़ा विस्तार

Ministry of Railways का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश में 800 वंदे भारत ट्रेनें और वर्ष 2047 तक करीब 2400 ट्रेनें चलाने का है। इसी रणनीति के तहत वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क और मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है। महू में कवर्ड शेड की स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, महू को वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस हब बनाने की तैयारी की जा रही है।

64.50 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक मेंटेनेंस शेड

इंदौर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी Mukesh Kumar ने बताया कि महू में 64.50 करोड़ रुपये की लागत से दो पिट लाइन और अत्याधुनिक कवर्ड शेड का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और यह कार्य इसी वर्ष पूरा किए जाने की योजना है।

उन्होंने बताया कि इन शेड्स के माध्यम से वंदे भारत ट्रेनों का नियमित रखरखाव और भविष्य में उनके संचालन को सुगम बनाया जाएगा। फिलहाल इंदौर से नागपुर के लिए वंदे भारत ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।

इंदौर से अन्य बड़े शहरों के लिए वंदे भारत की मांग तेज

महू में मेंटेनेंस शेड बनने के बाद इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई और हावड़ा जैसे प्रमुख शहरों के लिए स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग भी तेज हो गई है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, स्थानीय मेंटेनेंस सुविधा उपलब्ध होने से नई वंदे भारत ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं और अधिक मजबूत होंगी।

स्थानीय मेंटेनेंस से संचालन होगा अधिक सुविधाजनक

रेलवे विशेषज्ञ Nagesh Nam Joshi ने बताया— “वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस उसी स्थान पर सबसे प्रभावी होता है, जहां से उनका संचालन किया जाता है। महू में वंदे भारत हब बनने से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों को भविष्य में बड़ा लाभ मिलेगा।”

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