मध्य प्रदेश

खेती में टेक्नोलॉजी का बड़ा कदम: MP में खाद बुकिंग होगी ऑनलाइन

मध्यप्रदेश में किसानों के लिए खाद की ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी शुरू। एग्रीस्टेक पोर्टल पर सवा करोड़ किसानों का डेटा, ₹25 प्रति बैग शुल्क पर घर पहुंचेगी खाद।

भोपाल. मध्यप्रदेश में हर बुआई सीजन के दौरान खाद लेने के लिए लगने वाली लंबी कतारें किसानों के साथ-साथ प्रशासन के लिए भी चुनौती रही हैं। अब इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार खाद की ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसका उद्देश्य किसानों का समय बचाना और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।

एग्रीस्टेक पोर्टल पर सवा करोड़ किसानों का डेटा

मध्यप्रदेश कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर सवा करोड़ से अधिक किसानों का पूरा विवरण दर्ज किया है। इसमें किसानों की भूमि का रकबा, बोई जाने वाली फसलें और उर्वरकों की अनुमानित खपत का रिकॉर्ड शामिल है। इस डेटा के आधार पर खाद की मांग और आपूर्ति को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जाएगा।

ऑनलाइन बुकिंग के बाद घर पहुंचेगी खाद

अब किसानों को खाद लेने के लिए केवल डबल लॉक केंद्र या विक्रय केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। किसान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर खाद की होम डिलीवरी का विकल्प चुन सकेंगे।

  • परिवहन शुल्क: ₹15 प्रति बैग
  • लोडिंग–अनलोडिंग शुल्क: ₹10 प्रति बैग
  • कुल शुल्क: ₹25 प्रति बैग

फिलहाल यह सुविधा डबल लॉक केंद्र से 5 किलोमीटर के दायरे में शुरू की गई है, जिसे आगे चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया जाएगा।

डबल लॉक केंद्र से वितरण भी रहेगा जारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि डबल लॉक केंद्रों और विक्रय केंद्रों से खाद वितरण की मौजूदा व्यवस्था भी जारी रहेगी। किसान अपनी सुविधा के अनुसार केंद्र से सीधे खाद ले सकते हैं या होम डिलीवरी का विकल्प चुन सकते हैं।

जबलपुर में शुरू हुई पायलट व्यवस्था

यह सुविधा जबलपुर जिले के मझोली, सिहोरा और शहपुरा स्थित डबल लॉक केंद्रों में शुरू की गई है। योजना के तहत सुहाजनी गांव के किसान ओमप्रकाश ने ऑनलाइन बुकिंग कर 14 बोरी यूरिया अपने घर मंगवाई। किसान का कहना है कि इस व्यवस्था से समय की बचत होगी और केंद्रों पर लगने वाली लाइनों से राहत मिलेगी।

ई-टोकन प्रणाली से उर्वरक क्रय

  • किसान चयनित उर्वरक विक्रेता से ई-टोकन के माध्यम से खाद खरीद सकेंगे।
  • ई-टोकन की वैधता: 3 दिवस
  • किसान को उसी सहकारी समिति पर टोकन बुक करना होगा, जहां वह ड्यू सदस्य है
  • सहकारी समिति के ऋणी किसान, जिनकी खरीफ सीजन में लिमिट पूरी हो चुकी है, वे नगद राशि जमा कर लिमिट पुनः खोल सकते हैं
  • ओवरड्यू सदस्य या अन्य किसान विपणन संघ के गोदाम, एमपी एग्रो या निजी विक्रेताओं पर टोकन बुक कर सकेंगे
  • पात्रता मिलने तक प्रत्येक 3 दिन में पुनः टोकन बुक किया जा सकता है

किसानों के लिए समय और पारदर्शिता दोनों की बचत

सरकार का मानना है कि ऑनलाइन बुकिंग, ई-टोकन और होम डिलीवरी जैसी व्यवस्थाओं से खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, कालाबाजारी पर नियंत्रण होगा और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।

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