मध्य प्रदेश

भोपाल बना स्मार्ट एनर्जी हब: कंपनी क्षेत्र में 6.57 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर इंस्टॉल

आरडीएसएस योजना के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 16 जिलों में 6.57 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग और दिन के टैरिफ में 20% तक की छूट मिल रही है।

भोपाल. केंद्र सरकार की Revamped Distribution Sector Scheme (आरडीएसएस) के अंतर्गत Madhya Kshetra Vidyut Vitran Company द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर स्थापित करने का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां समय पर रीडिंग और बिलिंग सुनिश्चित हो रही है। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत तक की छूट का लाभ भी मिल रहा है।

16 जिलों में 6.57 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

  • कंपनी के कार्यक्षेत्र में आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुल 16 जिलों में अब तक 6 लाख 57 हजार 147 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।
  • इनमें सबसे अधिक स्मार्ट मीटर भोपाल शहर वृत्त में लगाए गए हैं, जहां 3 लाख 30 हजार से अधिक मीटर स्थापित हो चुके हैं।
  • कंपनी के अनुसार, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। परियोजना को तय समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्यरत हैं।

रियल टाइम डेटा से सटीक और समय पर बिलिंग

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिजली बिल उपलब्ध कराया जा रहा है।

जहां स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं, वहां बिलिंग और रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं में संतोष देखा जा रहा है।

दिन के टैरिफ में 20% की छूट, बिल में अलग से दिख रहा लाभ

  • नए टैरिफ ऑर्डर के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
  • दिसंबर माह की बिजली खपत का बिल, जो जनवरी में जारी किया गया है, उसमें सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई बिजली यूनिट पर मिलने वाली छूट को अलग कॉलम में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।
  • कंपनी का कहना है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पारदर्शी बिलिंग प्रणाली को भी मजबूत कर रही है।

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