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कर्नाटक से बड़ी खबर, युवक को सोना मिलने के बाद मंदिर परिसर की जांच

कर्नाटक के लक्कुंडी में खजाने की तलाश शुरू। गडग जिले के कोटे वीरभद्रेश्वर मंदिर परिसर में खुदाई, 300–400 साल पुराने सोने के आभूषण मिलने के बाद सिद्धारमैया सरकार का बड़ा कदम।

बेंगलुरु. कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने गडग जिला के ऐतिहासिक गांव लक्कुंडी में खजाने की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया है, जब लक्कुंडी में एक मकान निर्माण के दौरान सोने के आभूषण मिले थे। इसके बाद राज्य सरकार ने ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत के लिए प्रसिद्ध कोटे वीरभद्रेश्वर मंदिर परिसर में व्यापक खुदाई का निर्णय लिया।

मंदिर परिसर में जेसीबी और ट्रकों से खुदाई

  • पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने खजाने की तलाश के लिए जेसीबी, ट्रक और ट्रैक्टर तैनात किए हैं।
  • 10 वर्ग मीटर क्षेत्र को आधिकारिक खुदाई क्षेत्र घोषित किया गया है।
  • खुदाई कार्य में 15 महिलाएं और 5 पुरुष लगाए गए हैं।
  • अधिकारियों का कहना है कि यह खुदाई पूरी तरह सरकारी निगरानी और पुरातात्विक मानकों के तहत की जा रही है।

300–400 साल पुराने आभूषणों से बढ़ी हलचल

यह मामला तब सामने आया, जब एक किशोर को मकान निर्माण के दौरान तांबे का बर्तन मिला। बर्तन खोलने पर उसमें सोने के आभूषण पाए गए, जिन्हें 300 से 400 वर्ष पुराना बताया जा रहा है।

  • किशोर ने ये आभूषण जिला प्रशासन को सौंप दिए।
  • ईमानदारी के लिए उसे सम्मानित भी किया गया।
  • अधिकारियों के अनुसार, यह क्षेत्र सोना, चांदी, हीरे, मोती, माणिक, मूंगा और लहसुनिया जैसे बहुमूल्य रत्नों से समृद्ध माना जाता है।

पहले भी मिल चुकी हैं हजारों प्राचीन कलाकृतियां

नवंबर 2024 में लक्कुंडी में हुई खुदाई के दौरान हजारों प्राचीन कलाकृतियां मिलने की पुष्टि हो चुकी है। हालिया आभूषण खोज के बाद इस स्थल के प्रति विशेषज्ञों और प्रशासन की रुचि और बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, इलाके के अन्य हिस्सों में भी नीलम, मोती, हीरे और रत्न मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

समृद्ध इतिहास और राजवंशों का केंद्र रहा है लक्कुंडी

इतिहासकारों के अनुसार, लक्कुंडी पर

  • चालुक्य
  • राष्ट्रकूट
  • होयसल
  • कलचुरी
  • विजयनगर

जैसे शक्तिशाली राजवंशों का शासन रहा है। इसका संबंध प्रसिद्ध दानवीर दानचिंतामणि अत्तिमब्बे से भी जोड़ा जाता है।
पुरातत्व विभाग के सूत्र बताते हैं कि प्राचीन काल में लक्कुंडी सोने के सिक्के ढालने का प्रमुख केंद्र भी था।

पुरातत्वविदों को बड़ी खोज की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि यह खुदाई कर्नाटक के मध्यकालीन इतिहास को समझने में बेहद अहम साबित हो सकती है।

  • प्राचीन अभिलेख
  • स्मारक
  • मूर्तियां
  • आभूषण मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, जिससे लक्कुंडी की समृद्ध विरासत पर नई रोशनी पड़ेगी।

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