सरकार का बड़ा फैसला, रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस की देखरेख निजी हाथों में
मध्य प्रदेश में सरकारी रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस के रखरखाव की व्यवस्था बदलेगी। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर अब प्राइवेट एजेंसियां संभालेंगी मेंटेनेंस।

भोपाल. मध्य प्रदेश में सरकारी रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस के रखरखाव की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने निर्देश दिए हैं कि अब इन भवनों का मेंटेनेंस प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से कराया जाएगा। इसका उद्देश्य सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार और मरम्मत कार्यों को समय पर पूरा करना है।
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि यह नई व्यवस्था चरणबद्ध रूप से लागू की जाएगी। पहले चरण में उन बड़े शहरों को शामिल किया जाएगा, जहां सरकारी रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस का उपयोग अधिक होता है और रखरखाव की आवश्यकता भी ज्यादा रहती है। इस योजना के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और रीवा जैसे प्रमुख शहरों के सरकारी अतिथि गृह शामिल किए जाएंगे।
निगरानी और शिकायत निवारण होगा अधिक प्रभावी
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से मेंटेनेंस होने से नियमित निगरानी संभव होगी और शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सकेगा। इससे साफ-सफाई, मरम्मत, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर होगी और सरकारी अतिथियों को अधिक सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से न केवल रखरखाव की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि सरकारी भवनों के प्रबंधन में भी पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।




