उत्तर प्रदेशराज्य

मुख्यमंत्री बोले—विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

सीएम योगी आदित्यनाथ ने एनएचएआई सड़क परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं होगा। 35 करोड़ पौधरोपण लक्ष्य, भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता पर जोर।

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता है, लेकिन यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार की नीति है कि किसी भी परियोजना में केवल अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों की कटान की जाए और जितने पेड़ कटें, उनसे अधिक संख्या में पौधरोपण अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।

एनएचएआई की सड़क परियोजनाओं की जिलावार समीक्षा

मुख्यमंत्री सोमवार को प्रदेश में संचालित और प्रस्तावित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलावार समीक्षा करते हुए उन्होंने एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

डीएम करेंगे साप्ताहिक समीक्षा, मुख्य सचिव करेंगे निगरानी

सीएम योगी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एनएचएआई परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करें। यदि किसी स्तर पर कोई विषय लंबित हो, तो उसे मुख्य सचिव की सोमवारीय समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें, ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और निर्णय तेजी से लिए जा सकें।

भूमि अधिग्रहण में बिचौलियों पर सख्ती

भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए। किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले, जिससे किसानों के हित सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।

आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे तौर पर जुड़ी हैं। इसलिए सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिल सके।

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